ब्रह्मवैवर्त पुराण में सरस्वती पूजा का क्या फल बताया है?
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संक्षिप्त उत्तर
ब्रह्मवैवर्त पुराण: माता सरस्वती = 'निःशेषजाड्यापहा' — जड़ता, आलस्य, मूर्खता का पूर्ण नाश। अज्ञानी भी महान विद्वान बन सकता है। फल: परा विद्या (आत्म-साक्षात्कार), धन, विद्या, गुणवान संतति और अंततः भगवत
ब्रह्मवैवर्त पुराण के प्रकृति खण्ड में स्वयं नारायण मुनि ने सरस्वती पूजा के अभूतपूर्व परिणामों का उल्लेख किया है।
अज्ञानता का समूल नाश: माता सरस्वती 'निःशेषजाड्यापहा' हैं, अर्थात वे जड़ता, आलस्य और मूर्खता का पूर्ण रूप से नाश करती हैं।