ब्रह्महत्यारा, गाय-हत्यारा और कन्या-हत्यारा — तीनों चांडाल योनि में क्यों जाते हैं?
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संक्षिप्त उत्तर
गरुड़ पुराण के पाँचवें अध्याय के अनुसार ये तीनों — ब्राह्मण, गाय और कन्या — धर्म के स्तंभ हैं। इन तीनों की हत्या समान गुरुता के पाप हैं, इसलिए तीनों हत्यारों को नरकभोग के बाद समान रूप से चांडाल योनि क
गरुड़ पुराण के पाँचवें अध्याय में भगवान विष्णु स्पष्ट रूप से कहते हैं — 'ब्रह्महत्यारा क्षय रोगी होता है, गाय की हत्या करने वाला मूर्ख और कुबड़ा होता है, कन्या की हत्या करने वाला कोढ़ी होता है और ये त
' तीनों को एक ही योनि क्यों — इसका कारण यह है कि ये तीनों पाप एक ही श्रेणी के हैं।