'छाया नहीं पड़ती' = अतिशयोक्ति। वास्तविकता: दोपहर में 216 फीट विमान की छाया मंदिर आधार के भीतर ही पड़ती है (बाहर नहीं) — पिरामिडनुमा आकार + 10°N अक्षांश। शीर्ष: 80 टन एकल ग्रेनाइट — 1000+ वर्ष पुरानी
तंजावुर (तमिलनाडु) स्थित बृहदेश्वर मंदिर (राजराजेश्वर मंदिर) चोल राजा राजराज प्रथम द्वारा 1010 ई। यह UNESCO विश्व धरोहर स्थल है।
'छाया नहीं पड़ती' — दावा: एक प्रचलित मान्यता है कि इस मंदिर के विमान (शिखर/गोपुरम) की छाया दोपहर के समय जमीन पर नहीं पड़ती।