कर्म सिद्धांत
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बुरे कर्म करने वाले सुखी क्यों रहते हैं, उत्तर क्या?
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संक्षिप्त उत्तर
बुरे कर्मी का सुख पूर्व जन्मों के पुण्य भंडार का फल है — यह अस्थायी है। बुरे कर्मों का फल विलंब से पर अवश्य आता है (कौरवों की तरह)। बाहरी सुख भीतरी शांति नहीं है। अंतिम न्याय अटल है।
यह प्रश्न भी कर्म सिद्धांत के गहनतम प्रश्नों में से एक है। शास्त्रों में इसके कई उत्तर हैं: 1।
पूर्व जन्मों के पुण्य कर्म: - बुरे कर्म करने वाले का वर्तमान सुख पूर्व जन्मों के संचित पुण्यों का फल है।
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