बुरे लोगों की सफलता उनके पूर्व जन्मों के पुण्य कर्मों का फल है जो चुक रही है, जबकि उनके वर्तमान के पाप अगले जन्मों में परिणाम देंगे। अच्छे लोगों की परेशानी उनके प्रारब्ध का भोग या ईश्वरीय परीक्षण है।
यह दृश्य अक्सर हमें भीतर से विचलित कर देता है — एक बेईमान व्यक्ति ऐशो-आराम में जी रहा है और एक सच्चा, ईमानदार व्यक्ति संघर्ष कर रहा है।
हिंदू दर्शन इसका उत्तर बहुत गहराई से देता है। सबसे पहले, जो हम देख रहे हैं वह पूरी तस्वीर नहीं है।