चमकम् में 'च मे' से माँगते हैं: सुख-धनार्जन (तृतीय), अनाज की प्रचुरता-दूध-घी-मधु (चतुर्थ), ग्रहों का आशीर्वाद (सप्तम)। भौतिक समृद्धि और आध्यात्मिक उत्थान दोनों की एक साथ प्रार्थना।
चमकम् में ११ अनुवाक हैं जिनमें 'च मे' (Cha Me - 'और मुझे यह प्राप्त हो') के माध्यम से भक्त शिव से भौतिक और आध्यात्मिक संपदा की मांग करता है।
— तृतीय अनुवाक: शारीरिक और मानसिक सुख, धनार्जन, प्रिय वस्तुएँ और आध्यात्मिक लाभ की प्रार्थना।