'चंद्रहास' = 'चंद्र' (चंद्रमा) + 'हास' (हँसी/चमक)। अर्थ — चंद्रमा की हँसी जैसी चमकदार अर्धचंद्राकार तलवार। इसकी धार चंद्रमा जैसी दीप्तिमान और आकार अर्धचंद्र जैसा घुमावदार था।
'चंद्रहास' संस्कृत के दो शब्दों से बना है — 'चंद्र' और 'हास'। 'चंद्र' का अर्थ है — चंद्रमा। 'हास' का अर्थ है — हँसी, हास्य, चमक, या प्रकाश।
इस प्रकार 'चंद्रहास' का पूर्ण अर्थ है — 'चंद्रमा की हँसी जैसी चमकदार' या 'चंद्रमा के समान दीप्तिमान तलवार'।