चंद्रहास शिव की दिव्य तलवार है जो उन्होंने रावण को उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर दी थी। जब रावण ने सीता-हरण में जटायु पर इसका दुरुपयोग किया, तब यह स्वतः शिव के पास लौट गई।
चंद्रहास भगवान शिव की दिव्य तलवार (खड्ग) है।
'चंद्रहास' का अर्थ है — चंद्रमा की तरह चमकने वाला हास (हँसी/प्रकाश) — अर्थात चंद्रमा जैसी चमकीली और दुर्जेय तलवार।