चन्द्रशेखराष्टकम् के पाठ में श्रद्धा क्यों जरूरी है?
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संक्षिप्त उत्तर
श्रद्धा स्तोत्र की शक्ति को सक्रिय करती है — शिव को परम रक्षक (पाहिमाम्, रक्षमाम्) के रूप में स्वीकारना चाहिए। परम फल केवल श्रद्धा और सात्त्विक भावना से शरण लेने वाले को मिलता है।
श्रद्धा: शिव पर पूर्ण भरोसा (भक्ति) ही स्तोत्र की शक्ति को सक्रिय करता है।
शिव को केवल एक देवता नहीं, बल्कि जीवन के परम रक्षक (पाहिमाम्, रक्षमाम्) के रूप में स्वीकार करना चाहिए।