14 मुखी = शिव तीसरा नेत्र (शिव पुराण: शिव नेत्रों से उत्पन्न)। आज्ञा चक्र सक्रिय, अंतर्दृष्टि, भविष्य दृष्टि। सर्वोच्च आध्यात्मिक। दुर्लभ (₹10,000-₹2,00,000+)। माथे पर धारण।
चौदह मुखी = देव मणि; शिव का तीसरा नेत्र (त्रिनेत्र) का प्रतिनिधित्व। क्यों तीसरा नेत्र: 1।
14 मुखी = शिव का सर्वोच्च रूप — 14 भुवन (लोक) के स्वामी।