शिव पूजा
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चौदह मुखी रुद्राक्ष शिव का तीसरा नेत्र क्यों कहलाता है?
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संक्षिप्त उत्तर
14 मुखी = शिव तीसरा नेत्र: शिव नेत्रों से उत्पन्न, आज्ञा चक्र जाग्रत करता है (अन्तर्दृष्टि), तीसरा नेत्र = संहार शक्ति (शत्रु-नकारात्मकता नाश), परम दुर्लभ (तीसरा नेत्र सामान्यतः बंद)। लाभ: भविष्य ज्ञा
14 मुखी रुद्राक्ष को 'देव मणि' कहा जाता है और इसे शिव के तीसरे नेत्र (त्रिनेत्र/आज्ञा चक्र) का प्रतीक माना गया है।
शिव का तीसरा नेत्र क्यों: 1। 14 मुख = शिव के 14 लोक दृष्टि: शिव पुराण के अनुसार 14 मुखी रुद्राक्ष शिव के नेत्रों से सीधे उत्पन्न हुआ।
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