तंत्र साधना
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छिन्नमस्ता साधना क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
छिन्नमस्ता = स्वयं-छिन्न-सिर देवी = अहंकार-विसर्जन का प्रतीक। तीन रक्त-धाराएं = इड़ा-पिंगला-सुषुम्ना। मंत्र: 'श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीये...' — गुरु-दत्त। लाल वस्त्र, मंगलवार-अमावस्या। फल: कुण्
छिन्नमस्ता साधना — स्वयं के अहंकार की बलि और कुण्डलिनी-शक्ति का जागरण: छिन्नमस्ता का परिचय: दशमहाविद्याओं में षष्ठ।
'छिन्न' = कटी, 'मस्ता' = सिर। स्वयं का सिर काटकर उसी सिर में रक्त-धारा पान करती देवी।
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