चित्रगुप्त जीव से उसके कर्म, दान और धर्म के विषय में पूछते हैं। झूठ बोलने पर कर्मों का दृश्य प्रमाण दिखाते हैं। यमराज को पाप-पुण्य का सटीक विवरण देते हैं — उनके समक्ष कोई बचाव नहीं चलता।
गरुड़ पुराण और अन्य पुराणों में चित्रगुप्त द्वारा जीव से पूछताछ का वर्णन मिलता है।
चित्रगुप्त यमराज के समक्ष जीव के कर्मों का लेखा प्रस्तुत करते हैं। इस प्रक्रिया में जीव से कुछ प्रश्न किए जाते हैं।