चित्रगुप्त का कार्य प्रत्येक जीव के गुप्त-प्रकट सभी कर्मों का लेखा रखना और यमराज के समक्ष प्रस्तुत करना है। वे निष्पक्ष न्याय के प्रतीक हैं — किसी के लिए कोई पक्षपात नहीं।
गरुड़ पुराण और अन्य पुराणों में चित्रगुप्त के कार्य का विस्तृत वर्णन मिलता है।
कर्म-लेखन — चित्रगुप्त का मुख्य कार्य है प्रत्येक जीव के जन्म से मृत्यु तक के समस्त कर्मों का लेखा-जोखा रखना।