चंडी पाठ से पूर्व देवी कवच, अर्गला, कीलक और नवार्ण मंत्र अनिवार्य है। स्नान करें, लाल आसन पर बैठें, पुस्तक भूमि पर न रखें, शुद्ध उच्चारण करें और एक बार शुरू करें तो पूरा करें।
चंडी पाठ (दुर्गा सप्तशती) के नियम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं — इनकी उपेक्षा से पाठ का फल नहीं मिलता: अनिवार्य नियम: 1।
कवच, अर्गला, कीलक पहले: चंडी पाठ से पूर्व देवी कवच, अर्गला स्तोत्र और कीलक का पाठ अनिवार्य है — बिना इनके पाठ का फल नहीं मिलता।