दान का फल — यममार्ग पर तत्काल (भोजन-जल मिलना), मृत्यु के बाद स्वर्ग की प्राप्ति में, अगले जन्म में समृद्धि में और पुण्यकाल में दोगुना-हजारगुना। 'कर्म का फल अवश्य मिलता है' — यही गरुड़ पुराण का वचन है।
गरुड़ पुराण में दान के फल मिलने के समय का अत्यंत सुंदर और व्यापक वर्णन है।
जीवनकाल में — गरुड़ पुराण का मूल संदेश है कि जीवन में किए गए दान का फल यममार्ग पर तत्काल मिलता है।