गरुड़ पुराण में दान 'सत्पात्र' को देने का विधान है — ज्ञानी, सदाचारी ब्राह्मण को, भूखे-प्यासे को, जरूरतमंद को। तीर्थ में सत्पात्र को दिया दान हजारों गुना फल देता है।
गरुड़ पुराण और सनातन शास्त्रों में दान के पात्र का विशेष महत्व बताया गया है।
सुपात्र को दान — सनातन शास्त्रों में 'सुपात्र दान' को श्रेष्ठ माना गया है। सुपात्र वह है जो ज्ञानी, सदाचारी, धर्मपरायण और जरूरतमंद हो।