दान से प्रेत को — भोजन और शक्ति (पिंडदान से), वैतरणी पार (गोदान से), उद्धार (स्वर्णदान से), मुक्ति (प्रेत घट दान से) और तृप्ति (श्राद्ध दान से) मिलती है।
गरुड़ पुराण में दान से प्रेत को मिलने वाले लाभों का विस्तृत वर्णन है।
जीव का स्वयं का दान — जिसने जीवन में दान किया हो, उसे यममार्ग पर उसी का फल मिलता है।