जीवन के दान से यममार्ग पर भोजन-जल मिलता है, यमदूत सौम्य रहते हैं और वैतरणी पार करने में सहायता मिलती है। 'जल और अन्न का दान न देने' का उलाहना यमदूत देते हैं — यही कष्ट-वृद्धि का कारण है।
गरुड़ पुराण में दान से यममार्ग के कष्ट कम होने का वर्णन तीन स्तरों पर मिलता है।
जीवन के दान से — जिसने जीवन में दान किया उसे यममार्ग पर उसी का फल मिलता है।