सूर्यास्त से पहले (रात वर्जित)। जितना जल्दी हो उतना उत्तम। सूर्यास्त हो गया = अगले दिन। बच्चे/संन्यासी/गर्भवती = समाधि। सर्प दंश = 21 दिन प्रतीक्षा। यथाशीघ्र संस्कार उचित।
नियम:सूर्यास्त से पहले दाह संस्कार करना चाहिए — रात में दाह वर्जित (गरुड़ पुराण)।
समय सीमा: - उत्तम: मृत्यु के कुछ घंटों में — जितना जल्दी हो। - यदि सूर्यास्त हो गया = अगले दिन सूर्योदय के बाद।