स्तोत्र में ज्वर और रोग निवारण
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दैहिक ज्वर कौन से हैं?
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संक्षिप्त उत्तर
दैहिक ज्वर त्रिदोषों (वात, पित्त, कफ) के असंतुलन से उत्पन्न होते हैं — स्तोत्र में वात ज्वर, कफ पित्तक और सन्निपात ज्वर का उल्लेख है।
दैहिक ज्वर (शारीरिक) त्रिदोषों (वात, पित्त, कफ) के असंतुलन से उत्पन्न होते हैं।
स्तोत्र में वर्णित दैहिक ज्वर हैं: वात ज्वर, कफ पित्तक और सन्निपात ज्वर।
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