दक्ष ने शिव और सती को इसलिए नहीं बुलाया क्योंकि दक्ष को शिव से पुराना बैर था — सती ने उनकी इच्छा के विरुद्ध शिव का वरण किया था और एक पूर्व के यज्ञ में शिव के न उठने से दक्ष ने अपना अपमान माना था। यह उ
दक्ष द्वारा शिव और सती को यज्ञ में न बुलाने के पीछे उनका पुराना क्रोध और अहंकार था।
शिव पुराण और अन्य पुराणों के अनुसार दक्ष को कई कारणों से शिव के प्रति पहले से ही रोष था।