दक्ष ने यज्ञ में शिव का भाग नहीं रखा और सती के सामने ही शिव को श्मशानवासी, अघोरी और देवताओं के अयोग्य कहकर कटु अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। देवताओं ने भी दक्ष के भय से शिव का पक्ष नहीं लिया।
दक्ष के यज्ञ में शिव जी का अपमान बहुत गहरे और सुनियोजित तरीके से किया गया था।
शिव पुराण, देवी भागवत और रामचरितमानस जैसे ग्रंथों में इस प्रसंग का विस्तृत वर्णन है।