वैदिक संस्कार
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दसवां और तेरहवां कर्म कैसे करें?
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संक्षिप्त उत्तर
दसवां: अशौच समाप्ति → क्षौर कर्म (मुंडन) → गृह शुद्धि (सफाई-पुताई) → तर्पण-पिण्डदान। तेरहवीं: पूर्ण श्राद्ध संस्कार → हवन → पंचयज्ञ → पिण्डदान → ब्राह्मण भोज → दान-दक्षिणा → शोक समाप्ति। क्षेत्रानुसार
दाह संस्कार के बाद दसवें और तेरहवें दिन के कर्म अत्यंत महत्वपूर्ण मरणोत्तर संस्कार हैं: दसवां कर्म (दशाह/शुद्धि दिवस): 1।
अशौच समाप्ति: दाह संस्कार से 10वें दिन अशौच (सूतक) समाप्त होता है। यह दिन 'शुद्धि दिवस' कहलाता है।
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