भागवत 11वां स्कंध। पृथ्वी (धैर्य), वायु (निर्लिप्तता), आकाश (विशालता), जल (निर्मलता), अग्नि (शुद्धता), सूर्य (दान), मधुमक्खी (संग्रह दोष), मकड़ी (रचना में फंसना) आदि 24। प्रकृति सबसे बड़ा गुरु।
भागवत पुराण (11वां स्कंध) में दत्तात्रेय ने राजा यदु को बताया कि उन्होंने प्रकृति और प्राणियों से 24 गुरु बनाए। यह शिक्षा अद्भुत है।
पृथ्वी से धैर्य और क्षमा सीखी। वायु से निर्लिप्तता — हवा सब जगह जाती है पर कहीं अटकती नहीं। आकाश से विशालता — आत्मा आकाश जैसी असीम।