'द्रां' बीज मंत्र त्रिदेवों की संयुक्त ऊर्जा है। इसके जप से भारी से भारी पितृ दोष और काले जादू का प्रभाव कट जाता है तथा साधक को सूक्ष्म गुरुओं का मार्गदर्शन प्राप्त होता है।
भगवान दत्तात्रेय में ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) तीनों की शक्तियां समाहित हैं। उनका बीज मंत्र 'द्रां' (Dram) है।
यह एक अत्यंत शक्तिशाली और जाग्रत बीज है जो सीधे परम गुरु तत्व से जोड़ता है।