जुआ परम्परा: शिव-पार्वती चौसर कथा (अप्रामाणिक/लोक)। शास्त्रीय सत्य: जुआ=महापाप (मनुस्मृति), महाभारत=जुआ दुष्परिणाम, लक्ष्मी=पवित्रता (जुआ से दूर)। दीपावली जुआ = कुप्रथा, शास्त्रीय विधान नहीं।
दीपावली पर जुआ खेलने की परम्परा का आधार एक पौराणिक कथा है, किन्तु यह शास्त्रसम्मत अनुष्ठान नहीं है: पौराणिक कथा: एक कथा के अनुसार दीपावली की रात भगवान शिव और माता पार्वती ने पासा (चौसर) खेला।
शिव ने पार्वती से कहा — 'इस रात जो जुआ खेलेगा, उसे वर्ष भर लक्ष्मी की कृपा रहेगी।