देव दीपावली: कार्तिक पूर्णिमा — देवताओं की दीपावली। शिव का त्रिपुरासुर वध। गंगा स्नान → शिव-विष्णु पूजा → सन्ध्या में लाखों दीये (नदी तट, घाट, मन्दिर)। काशी में 84 घाटों पर दीपदान + भव्य गंगा आरती। सर
देव दीपावली कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को मनाई जाती है — दीपावली के 15 दिन बाद। कब: कार्तिक पूर्णिमा (नवम्बर)।
क्यों: इस दिन देवता स्वयं दीपावली मनाते हैं — इसीलिए 'देव दीपावली'। शिव ने इसी दिन त्रिपुरासुर का वध किया था (त्रिपुरारी पूर्णिमा)।