काशी देव दीपावली: कार्तिक पूर्णिमा। प्रातः गंगा स्नान → शिव पूजा (त्रिपुरारि) → सन्ध्या में 84 घाटों पर लाखों दीये → दशाश्वमेध घाट महा गंगा आरती → गंगा में दीये प्रवाहित → रात्रि जागरण। स्कन्द पुराण:
देव दीपावली कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को मनाई जाती है। काशी (वाराणसी) में यह सबसे भव्य पर्व है। काशी में दीपदान विधान: 1।
स्नान: प्रातः गंगा स्नान — कार्तिक पूर्णिमा का गंगा स्नान अत्यन्त पुण्यदायी। पंचगंगा घाट, दशाश्वमेध घाट प्रमुख।