देवी स्तोत्र
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देवी अपराधक्षमापन स्तोत्र का पाठ कब करें?
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संक्षिप्त उत्तर
सप्तशती पाठ अंत में (अनिवार्य)। व्रत टूटने/त्रुटि पर। प्रतिदिन संध्या। 'न मंत्रं नो यंत्रं... परं जाने मातस्त्वदनुसरणं क्लेशहरणम्' — शरण = क्लेश हरण।
अपराधक्षमापन स्तोत्र = देवी से क्षमा याचना: कब पढ़ें: 1। दुर्गा सप्तशती पाठ के अंत में — अनिवार्य। व्रत टूटने पर — प्रायश्चित।
पूजा में त्रुटि होने पर — अशुद्ध उच्चारण, नियम भंग। प्रतिदिन संध्या — दैनिक क्षमा (उत्तम अभ्यास)। अनुष्ठान समापन पर।
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