देवी साधना
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देवी की पूजा करते समय किस भाव से बैठना चाहिए?
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संक्षिप्त उत्तर
भाव: शरणागति (बालक-माता), श्रद्धा-विश्वास, कृतज्ञता, निष्काम, एकाग्रता, विनम्रता, प्रेम। शारीरिक: सुखासन/पद्मासन, रीढ़ सीधी, नमस्कार/ध्यान मुद्रा। सार: विधि की कमी भक्ति पूरी करे, भक्ति की कमी विधि नह
देवी पूजा में बाह्य विधि से अधिक आंतरिक भाव महत्वपूर्ण है: पूजा में उत्तम भाव: 1। शरणागति भाव: 'माता! मैं आपकी शरण में हूं।
' बालक जैसे माता की गोद में निश्चिंत रहता है — वैसा ही भाव। श्रद्धा और विश्वास: 'देवी सर्वत्र विराजमान हैं, मेरी प्रार्थना अवश्य सुनेंगी।
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