देवी की पूजा में अष्टमी और नवमी का क्या विशेष महत्व है?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
अष्टमी: देवी शक्ति सर्वोच्च, संधि पूजा, हवन, रक्तबीज वध। नवमी: कन्या पूजन (9=9 देवी), पूर्णाहुति, वरदान अध्याय। दोनों = नवरात्रि चरमोत्कर्ष — 2 दिन = 9 दिन फल।
अष्टमी-नवमी = नवरात्रि के सबसे शक्तिशाली दिन: अष्टमी (महाअष्टमी): - देवी शक्ति सर्वोच्च — महिषासुर/रक्तबीज वध तिथि।
- संधि पूजा (अष्टमी-नवमी संधिकाल) = अत्यंत शक्तिशाली। - हवन/बलिदान (कुम्हड़ा) = अष्टमी। - दुर्गा सप्तशती अध्याय 9-10 (शुम्भ-निशुम्भ वध)।