शक्ति उपासना
?
देवी की उपासना में पंचमकार का वास्तविक आध्यात्मिक अर्थ क्या है?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
पंचमकार का आध्यात्मिक अर्थ: मद्य = सहस्रार का सोम रस। मांस = जिह्वा/अहंकार संयम। मत्स्य = इड़ा-पिंगला प्राणायाम। मुद्रा = योग आसन/हस्त मुद्रा। मैथुन = कुण्डलिनी-शिव मिलन (आंतरिक योग)। गोरखनाथ: शरीर मे
पंचमकार (पाँच 'म' से शुरू होने वाले तत्व) तांत्रिक शक्ति उपासना का एक गूढ़ विषय है।
इसके दो स्तर हैं — बाह्य (यथार्थ) और आध्यात्मिक (प्रतीकात्मक): पंचमकार के नाम: 1। मुद्रा (अनाज/हस्त मुद्रा) 5।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG