कीलक = चाबी/unlock। सप्तशती मंत्र शापित → कीलक = शाप तोड़ना → फल प्राप्ति। बिना कीलक = फल अपूर्ण। मंत्र शक्ति जागृत + सुरक्षा। विकल्प: सिद्ध कुंजिका (कीलक आवश्यकता नहीं)।
कीलक स्तोत्र = दुर्गा सप्तशती के छह अंगों में तीसरा: अर्थ: 'कीलक' = चाबी/ताला खोलने वाला।
सप्तशती के मंत्र 'locked' (शापित) हैं — कीलक = unlock करता है। फल प्राप्ति: बिना कीलक = सप्तशती पाठ का फल अप्राप्त/अपूर्ण।