देवी चुनरी: लाल सर्वोत्तम (शक्ति/सौभाग्य)। स्नान → हल्दी-कुमकुम छिड़कें → देवी को ओढ़ाएँ / मन्दिर में बाँधें → 'ॐ दुर्गायै नमः'। मनोकामना/मन्नत हेतु। सुहागिनें पति दीर्घायु, कन्याएँ वर प्राप्ति हेतु।
देवी मन्दिर में चुनरी (ओढ़नी/दुपट्टा) बाँधना/चढ़ाना एक प्रमुख भक्ति परम्परा है।
कब बाँधें: मनोकामना पूर्ति हेतु, नवरात्रि में, या किसी विशेष अवसर पर। मनोकामना पूरी होने पर 'मन्नत' के रूप में भी।