देवी स्नान के फल (देवी भागवत): ईख का रस = पुनर्जन्म से मुक्ति + लक्ष्मी-सरस्वती का वास। द्राक्षा रस = देवी-लोक में वास। सुगंधित जल = सौ जन्मों के पाप नाश। दूध = एक कल्प क्षीरसागर में निवास। शहद/घी/शर्
श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के अनुसार, देवी को विभिन्न द्रव्यों से स्नान कराने के विशिष्ट फल इस प्रकार हैं: — ईख का रस (Sugarcane Juice): जो साधक सौ घड़ों ईख के रस से भगवती को स्नान कराता है, उसे पुन
वेद मंत्रों के साथ आम के रस या ईख के रस से स्नान कराने पर लक्ष्मी और सरस्वती उस साधक के द्वार पर चिरकाल तक निवास करती हैं।