देवशयनी (पद्मा) एकादशी की व्रत कथा क्या है (राजा मान्धाता)?
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संक्षिप्त उत्तर
राजा मान्धाता के राज्य में 3 साल तक भयंकर अकाल पड़ा था। महर्षि अंगिरा के कहने पर राजा और प्रजा ने पद्मा (देवशयनी) एकादशी का व्रत किया, जिसके प्रभाव से भारी बारिश हुई और अकाल मिट गया।
भविष्य पुराण के अनुसार, सतयुग में राजा मान्धाता के राज्य में 3 वर्षों तक वर्षा नहीं हुई और भीषण अकाल पड़ गया।