देव अपमान पर — घोर नरक, विदीर्ण नरक (अंग-भंग), तप्तलोहमय (तपता लोहा), ईश्वर में अविश्वास पर प्रेत योनि। 'पंच-देव पूजा न करने वाले नरकगामी।'
गरुड़ पुराण में देवताओं की पूजा न करना और उनका अपमान करना नरकगामी बताया गया है।
घोर नरक — गरुड़ पुराण के चतुर्थ अध्याय में — 'जो मन्द पुरुष भगवान शिव, भगवती शक्ति, नारायण, सूर्य, गणेश, सद्गुरु और विद्वान की पूजा नहीं करते, वे नरक में जाते हैं।