देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को कैसे जगाते हैं?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
जाग्रत मंत्र: 'उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पते...' शंख, घंटा, मृदंग, नगाड़े बजाते हैं। सूप या थाली बजाना लोक-परंपरा। इस मंत्र उच्चारण से चातुर्मास का समापन और विवाह आदि मांगलिक कार्यों क
देवउठनी एकादशी के दिन संध्याकाल में शंख, घंटा, मृदंग और नगाड़ों की मंगल ध्वनि के साथ भगवान का आवाहन किया जाता है।
'निर्णयसिन्धु', 'धर्मसिन्धु' तथा 'स्कंद पुराण' में भगवान को जगाने के लिए विशिष्ट संस्कृत मंत्रों का उल्लेख है: जाग्रत मंत्र: उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पते।