धनुर्वेद में मुख्यतः 4 प्रकार — अमुक्ता, मुक्ता, मुक्तामुक्ता, यंत्रमुक्त। साथ ही दो मूल भेद — दिव्यास्त्र (मंत्र-संचालित) और यांत्रिकास्त्र। देव-संबंधित दिव्यास्त्र 100 से अधिक।
धनुर्वेद और अग्नि पुराण में अस्त्रों का विस्तृत वर्गीकरण किया गया है।
मूल विभाजन — दो प्रकार: (1) दिव्यास्त्र — मंत्रों से संचालित, देवताओं द्वारा प्रदत्त।