धर्म = 'जो धारण करे' (धृ धातु)। वैशेषिक: जिससे लौकिक उन्नति और मोक्ष दोनों सिद्ध हों। मनुस्मृति: 10 लक्षण — धैर्य, क्षमा, संयम, शौच, सत्य आदि। 'धर्म' = Religion नहीं, कर्तव्य + नैतिकता + प्राकृतिक व्य
'धर्म' शब्द हिंदू दर्शन का सबसे केंद्रीय और बहुआयामी शब्द है। इसका अंग्रेजी में कोई एक शब्द समकक्ष (equivalent) नहीं है।
व्युत्पत्ति: 'धर्म' = 'धृ' धातु + 'म' प्रत्यय। 'धृ' = धारण करना। 'धारयति इति धर्मः' — जो धारण करे वह धर्म है।