धर्मराज यमदूत भेजते हैं, चित्रगुप्त के लेखे से कर्म-न्याय करते हैं और जीव को स्वर्ग-नरक-पुनर्जन्म का निर्णय देते हैं। उनका न्याय पूर्णतः निष्पक्ष और अटल है। यमलोक की समस्त व्यवस्था उनके अधीन है।
गरुड़ पुराण में धर्मराज (यमराज) के कार्य का विस्तृत वर्णन मिलता है।
मृत्यु की देखरेख — धर्मराज प्रत्येक जीव की मृत्यु का समय और स्थान निर्धारित होने पर यमदूतों को भेजते हैं।