जीवन एवं मृत्यु
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धर्मराज के निर्णय का स्वरूप कैसा होता है?
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संक्षिप्त उत्तर
धर्मराज का निर्णय स्वर्ग, नरक या पुनर्जन्म — इन तीनों में से एक होता है। यह निर्णय निष्पक्ष, अटल और तत्काल प्रभावी है। कोई अपील नहीं। चित्रगुप्त के अचूक लेखे के आधार पर कोई भूल नहीं होती।
गरुड़ पुराण में धर्मराज के निर्णय का स्वरूप अत्यंत स्पष्ट और व्यवस्थित बताया गया है।
निर्णय के तीन विकल्प — धर्मराज के समक्ष मुख्यतः तीन प्रकार के निर्णय होते हैं। पहला, स्वर्ग — यदि पुण्य अधिक हो।
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