ध्रुव ने 5 वर्ष की आयु में 6 मास तपस्या की (सौतेली माता के अपमान से प्रेरित)। विष्णु प्रसन्न हुए — ध्रुवलोक (ध्रुव तारा), 36,000 वर्ष राज्य और शाश्वत स्थान प्राप्त। शिक्षा: आयु बाधा नहीं, अपमान प्रेरण
ध्रुव की कथा भागवत पुराण (स्कंध 4, अध्याय 8-12) में वर्णित है। कथा: ध्रुव राजा उत्तानपाद के पुत्र थे।
उनकी माता सुनीति थी (प्रथम पत्नी) और सौतेली माता सुरुचि (राजा की प्रिय पत्नी)।