पूजा विधान
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धूमावती साधना में न्यास कैसे करते हैं?
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संक्षिप्त उत्तर
धूमावती न्यास: पिप्पलाद ऋषि = शिर में। त्रिव्रत् छंद = मुख में। श्री ज्येष्ठा धूमावती देवता = हृदय में।
धूमावती साधना में न्यास की विधि: संकल्प और विनियोग के बाद न्यास किया जाता है, जिसमें: — पिप्पलाद ऋषि को शिर में।
— त्रिव्रत् छंद को मुख में। — श्री ज्येष्ठा धूमावती देवता को हृदय में। इस प्रकार न्यास संपन्न किया जाता है।
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