ध्यान में आँखें बंद रखना सबसे प्रचलित और प्रारंभिकों के लिए उपयुक्त है — इससे बाहरी विक्षेप कम होते हैं। त्राटक जैसी विशेष साधनाओं में आँखें खुली रखी जाती हैं। नींद आती हो तो आँखें अधखुली रखना उचित है
ध्यान में आँखें खुली रखनी हैं या बंद — यह साधना के प्रकार, साधक की स्थिति और परंपरा पर निर्भर करता है। दोनों का अपना महत्व और उपयोग है।
आँखें बंद करके ध्यान — यह सर्वाधिक प्रचलित विधि है। जब आँखें बंद हों तो बाहरी विक्षेप कम होते हैं और मन आंतरिक अनुभव की ओर मुड़ता है।