ध्यान
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ध्यान के दौरान भगवान का ध्यान कैसे करें?
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संक्षिप्त उत्तर
भगवान ध्यान: भागवत (2.2.8-14): पाद → उरु → नाभि → हृदय → मुख → नेत्र — क्रमिक ध्यान। शिव पुराण: श्वेत रूप, जटाजूट, त्रिनेत्र का ध्यान। नारद भक्ति सूत्र: रूप, गुण, लीला, धाम, नाम — पाँचों पर ध्यान। मंत
भगवान का ध्यान दो प्रकार से होता है — सगुण (मूर्त) और निर्गुण (अमूर्त)। सगुण ध्यान की विधि (भागवत पुराण 2। 8-14): क्रमिक ध्यान पद्धति: 1।
पाद-ध्यान — भगवान के चरण-कमलों का ध्यान करें 2। उरु-ध्यान — जंघाओं का ध्यान करें 3। नाभि-ध्यान — नाभि-कमल का ध्यान करें 4।
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