ध्यान अनुभव
?
ध्यान में अनाहत चक्र से संगीत सुनाई देने का अनुभव क्या है?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
अनाहत जागृत (12 दल खुला)। हृदय से संगीत (वीणा/बांसुरी/ॐ) — बाहरी स्रोत नहीं। प्रेम/करुणा।: 'सिद्धियां, ब्रह्मांडीय ऊर्जा।': 'वासना मुक्त।' ध्वनि में डूबें!
अनाहत संगीत = दिव्य — सर्वशुभ:अनुभव: - हृदय क्षेत्र → बिना बाहरी स्रोत → मधुर संगीत — वीणा/बांसुरी/घंटी/ॐ।
- 'कान से नहीं — हृदय से सुन रहा' = अनाहत नाद। - 'अनाहत = बहुत सारी सिद्धियां, ब्रह्मांडीय ऊर्जा, आनंद।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG