ध्यान अनुभव
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ध्यान में ॐ की ध्वनि अपने आप सुनाई देने का क्या अर्थ है?
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संक्षिप्त उत्तर
अनाहत नाद ('बिना आघात ध्वनि')। ॐ=ब्रह्मांडीय मूल/ब्रह्म (गीता)। हठ योग: 10 नाद → ॐ=सर्वोच्च। सहस्रार निकट। अत्यंत शुभ! ध्वनि में डूबें — साक्षी।
ॐ ध्वनि स्वतः = अनाहत नाद — सर्वशुभ: अर्थ: 1। अनाहत नाद: 'अनाहत' = 'बिना आघात' — बिना किसी वाद्य/स्रोत = ध्वनि। ॐ = ब्रह्मांडीय मूल ध्वनि।
नाद योग: हठ योग प्रदीपिका: 'नाद सुनना = ध्यान सर्वोत्तम विधि। ' ॐ = सर्वप्रथम नाद। सहस्रार निकट: ॐ = सहस्रार ध्वनि → सुनना = उच्चतम ध्यान।
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