ध्यान अनुभव
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ध्यान में मंत्र अपने आप दोहराने लगे — इसका क्या अर्थ है?
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संक्षिप्त उत्तर
अजपा जप ('बिना जपे जप') — सर्वशुभ। मंत्र सिद्धि निकट, ध्यान गहन, प्राण+मंत्र=एक। बहने दें — 'जप हो रहा है' = उत्तम। 'सोऽहम्' = श्वास अजपा (जन्म से)।
मंत्र स्वतः = अजपा जप — सर्वशुभ: अर्थ: 1। अजपा: 'अ + जप' = 'बिना जपे जप' → मंत्र = अवचेतन/चेतन में स्थापित → स्वतः चलता है।
मंत्र सिद्धि संकेत: जप → अभ्यास → मंत्र = 'आपका हो गया' → स्वतः = सिद्धि निकट। प्राण + मंत्र: श्वास = 'सोऽहम्' (अजपा गायत्री)।
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